Monday, 19 June 2017

हमारे हिंदू  धर्म में  हर एक चीज़ का अपना एक अलग महत्त्व हे| आज एकादशी  तिथि है एकादशी  दस और एक  गारह  इन्द्रियों का एकसाथ होना . दस इन्द्रियों से हम  हमारे नित्य कर्म करते है  एक ही मन अलग होता है जो सदा  भटकता है  यहा-वहा... जब हम अपने  दसो इन्द्रियों के साथ  एक  इस मन को साथ लेकर  चेलते है तो एकादशी   बन  जाती है
इश्वेर की आराधना  करते हुइए जब  हम  पूरी तरहा एकाग्र हो कर अपना नित्य कर्म करते है  सभी विकारो को बाजु  में रखकर तेभी सही मायने में हम  इश्वेर के समीप  होने का प्रयास करते है . आप भी कुछ पल निकल कर देखिये  पूरी तरह   अपने आप को खो कर जबी कोई मन में अभिलाषा न रखते हुइए  जब हम उस  इश्वेर  से जुड़ते है तो जो परमानंद  की प्राप्ति  भले ही थोड़े समय के लिए ही क्यों न हो  जो मिलती है  ओ अनमोल है दोस्तों ...योगिनी एकादशी की आप सभी को शुभ कामनाए...जय हो.

1 comment:

  1. bahut khub, Log aapne man ko sunder banaye toh woh bahar se bhi sunder lagenge..

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